PKL 10 के प्लेऑफ में पहुंचने का पूरा समीकरण, जानिए किस टीम को जीतने होंगे कितने मैच

PKL 10 के प्लेऑफ में पहुंचने का पूरा समीकरण, जानिए किस टीम को जीतने होंगे कितने मैच

प्लेऑफ के लिए केवल तीन जगह खाली है।

प्रो कबड्डी लीग के 10वें सीजन (PKL 10) का कारवां अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। इसके साथ ही अब प्लेऑफ के लिए जंग भी तेज होती जा रही है। कुछ टीमें प्लेऑफ में जा चुकी हैं और कुछ टीमों का प्लेऑफ में जाना अभी बाकी है। अभी तक तीन टीमें जयपुर पिंक पैंथर्स, पुनेरी पलटन और दबंग दिल्ली ने अपना स्थान पक्का कर लिया है। वहीं पटना पाइरेट्स, गुजरात जायंट्स, हरियाणा स्टीलर्स, बेंगलुरू बुल्स, तमिल थलाइवाज और बंगाल वारियर्स रेस में बने हुए हैं। इन छह टीमों के बीच बचे हुए तीन स्थान के लिए जंग जारी है और देखने वाली बात होगी कि कौन सी टीम अंतिम-6 में जा पाती है।

हम आपको इस आर्टिकल में सभी टीमों के प्लेऑफ के समीकरण के बारे में बताएंगे कि कौन सी टीम कितने प्वॉइंट हासिल करके प्लेऑफ में जा सकती है।

PKL 10 के प्लेऑफ का पूरा समीकरण:

जयपुर पिंक पैंथर्स

डिफेंडिंग चैंपियन जयपुर पिंक पैंथर्स ने प्लेऑफ में अपना स्थान पक्का कर लिया है। वो इस पीकेएल सीजन प्लेऑफ में जाने वाली पहली टीम बने। अब वो चाहेंगे कि प्वॉइंट्स टेबल में टॉप पर रहा जाए, ताकि सीधे सेमीफाइनल में खेलना पड़े। टीम के अभी तीन मैच बचे हुए हैं और उनके 77 प्वॉइंट हैं।

पुनेरी पलटन

पिछले सीजन की फाइनलिस्ट पुनेरी पलटन की टीम भी आसानी से प्लेऑफ में जा चुकी है। टीम ने अभी तक 13 मैचों में जीत हासिल की है और उनके 76 प्वॉइंट हैं। पुनेरी पलटन का स्कोर डिफेंरस 206 है जो सभी टीमों में सबसे ज्यादा है। अभी उनके चार मैच बचे हैं और इसी वजह से उनको भी डायरेक्ट सेमीफाइनल में एंट्री मिलना लगभग तय है।

दबंग दिल्ली

इस सीजन प्लेऑफ में जाने वाली तीसरी टीम दबंग दिल्ली है। उन्होंने अभी तक 20 मुकाबले खेल लिए हैं और 69 प्वॉइंट के साथ अगले दौर में जगह बना ली है। अब उनके दो मैच बचे हैं और इन मुकाबलों को जीतकर वो अपनी पोजिशन को और पुख्ता करना चाहेंगे।

गुजरात जायंट्स

गुजरात जायंट्स ने अभी तक 19 मुकाबले खेले हैं, जिसमें से 11 मैचों में उन्हें जीत मिली है और 8 मैच में हार का सामना करना पड़ा है। टीम के अभी तीन मैच बचे हैं और इनमें से अगर वो एक मैच भी जीत लें, तब भी प्लेऑफ में चले जाएंगे। वहीं दो मैच जीतने पर उनकी स्थिति एकदम पुख्ता हो जाएगी।

हरियाणा स्टीलर्स

हरियाणा स्टीलर्स की टीम प्वॉइंट्स टेबल में इस वक्त पांचवें पायदान पर है और उनका प्लेऑफ में जाना लगभग तय है। टीम के अभी चार मैच बचे हुए हैं और इनमें से अगर वो एक मैच भी जीत लें तो उनके 65 प्वॉइंट हो जाएंगे और वो प्लेऑफ में आसानी से जगह बना लेंगे।

पटना पाइरेट्स

तीन बार की चैंपियन पटना पाइरेट्स प्वॉइंट्स टेबल में छठे पायदान पर है और प्लेऑफ में जाने के लिए उन्हें अपने बचे हुए तीन में से दो मैच जीतना होगा। अभी उनके 58 प्वॉइंट हैं और अगर वो दो मैच और जीत लेते हैं तो फिर 68 प्वॉइंट के साथ प्लेऑफ में जगह बना लेंगे। अगर वो अपने तीनों मैच हार गए तब वो टूर्नामेंट से बाहर हो सकते हैं।

बेंगलुरू बुल्स

छठे सीजन की चैंपियन बेंगलुरू बुल्स का प्लेऑफ में जाना काफी मुश्किल है। उनके अभी 19 मैचों में 48 प्वॉइंट ही हैं। अगर वो अपने बचे हुए सारे मैच जीत भी लेते हैं तब भी उनके 63 प्वॉइंट ही हो पाएंगे। अगर उन्हें प्लेऑफ में जाना है तो फिर यही दुआ करनी होगी कि पटना पाइरेट्स अपने बचे हुए तीनों मैच हार जाए। हालांकि बुल्स के अगले तीन मैच गुजरात जायंट्स, दबंग दिल्ली और हरियाणा स्टीलर्स से हैं जो काफी बेहतरीन फॉर्म में हैं। बुल्स का स्कोर डिफरेंस भी माइनस में है और इसी वजह से उनका प्लेऑफ में जाना लगभग असंभव है।

तमिल थलाइवाज

तमिल थलाइवाज की टीम 19 मैचों में 45 प्वॉइंट के साथ इस वक्त आठवें पायदान पर है और उनके लिए रास्ता काफी मुश्किल है। अगर वो अपने सारे मुकाबले जीतते भी हैं तब भी 60 प्वॉइंट तक ही पहुंच पाएंगे। प्लेऑफ में जाने के लिए कम से कम 64 प्वॉइंट चाहिए होंगे और थलाइवाज वहां तक नहीं पहुंच पाएगी। उन्हें यही दुआ करनी होगी कि पटना और बेंगलुरू बुल्स अपने बचे हुए सारे मैच हार जाएं। तभी उनके लिए स्थिति थोड़ी बेहतर हो सकती है।

बंगाल वारियर्स

मनिंदर सिंह की बंगाल वारियर्स 44 अंकों के साथ 9वें पायदान पर है। उनका स्कोर डिफरेंस माइनस 35 है। अब उन्हें प्लेऑफ में जाने के लिए अपने बचे हुए सारे ही मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे। तब वो जाकर 64 प्वॉइंट तक पहुंचेंगे और यहां से उनके लिए संभावना बन सकती है। हालांकि उन्हें बाकी टीमों के रिजल्ट पर निर्भर रहना होगा। अगर पटना ने अपने बचे हुए तीन में से दो मैच जीत लिए तो फिर बंगाल वारियर्स का सफर टूर्नामेंट में समाप्त हो जाएगा। हरियाणा और गुजरात कम से कम एक मैच में तो जीत हासिल करेंगी ही और इसी वजह से बंगाल की टीम पूरी तरह पटना के ऊपर निर्भर रहेगी।

यू मुम्बा

दूसरे सीजन की चैंपियन टीम यू मुम्बा प्लेऑफ से बाहर हो चुकी है। वो अगर सारे मैच जीत भी लें तब भी उनके 61 प्वाइंट ही होंगे और उनका स्कोर डिफरेंस भी माइनस 40 है और इसी वजह से उनका प्लेऑफ में जाने का सपना नहीं पूरा हो पाएगा। टीम के चार मैच अभी बचे हुए हैं। उन्होंने 18 में से सिर्फ 6 ही मैच इस सीजन जीते हैं।

यूपी योद्धा

यूपी योद्धा की टीम प्लेऑफ से बाहर हो चुकी है। योद्धा ने अभी तक 19 मैच खेले हैं, जिसमें से सिर्फ चार मैच में उन्हें जीत मिली है और 14 मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं एक मैच उनका टाई रहा है। टीम के सिर्फ 29 प्वॉइंट ही हैं।

तेलुगु टाइटंस

तेलुगु टाइटंस प्लेऑफ की रेस से सबसे पहले बाहर हुई थी। टीम ने अभी तक कुल मिलाकर 18 मैच खेले हैं, जिसमें से सिर्फ दो मुकाबले में उन्हें जीत मिली है और 16 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। वो प्वॉइंट्स टेबल में आखिरी पायदान पर हैं।

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